Petition for 28 Year Old Punjabi Man Harjinder Singh Florida accident and case History

Petition for 28 Year Old Punjabi Man Harjinder Singh Florida accident And case History 

यह मामला फ्लोरिडा, अमेरिका में 12 अगस्त को हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना से जुड़ा है। इस दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी, और इसका कारण बने थे भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवर हरजिंदर सिंह।

घटना

फ्लोरिडा टर्नपाइक (Florida Turnpike) हाईवे पर, हरजिंदर सिंह ने एक बड़ा ट्रक चलाकर एक 'अनाधिकृत' यू-टर्न लिया। यह यू-टर्न केवल आधिकारिक उपयोग (Official Use Only) के लिए था। इस गलत यू-टर्न की वजह से उनका ट्रक सड़क के सभी लेन में फैल गया। इसी दौरान पीछे से आ रही एक मिनीवैन उनके ट्रक से बुरी तरह टकरा गई। इस टक्कर में मिनीवैन में सवार तीन लोगों की मौके पर ही और अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। हरजिंदर सिंह और उनके साथ ट्रक में मौजूद उनके भाई हरनीत सिंह को कोई चोट नहीं आई।

गिरफ्तारी और आरोप

इस दुर्घटना के बाद, हरजिंदर सिंह घटनास्थल से भागकर कैलिफोर्निया चले गए थे। लेकिन, अमेरिकी अधिकारियों ने बाद में उन्हें कैलिफोर्निया में गिरफ्तार कर लिया और फ्लोरिडा वापस ले आए। हरजिंदर सिंह पर तीन लोगों की हत्या (vehicular homicide) का आरोप लगाया गया है।

विवाद और जांच

इस घटना के बाद से अमेरिका में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। यह विवाद कई मुद्दों पर केंद्रित है:

 * अवैध प्रवासी का मुद्दा: अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, हरजिंदर सिंह 2018 में अवैध रूप से मेक्सिको की सीमा पार करके अमेरिका में दाखिल हुए थे।

 * ड्राइविंग लाइसेंस का मुद्दा: यह सवाल उठ रहा है कि एक अवैध प्रवासी को कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (Commercial Driver's License - CDL) कैसे मिल गया। यह लाइसेंस कैलिफोर्निया राज्य द्वारा जारी किया गया था, जिसे कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने कैलिफोर्निया की "रेकलेस नीतियों" (reckless policies) का परिणाम बताया है।

 * ड्राइविंग योग्यता: जांच के दौरान, यह सामने आया कि हरजिंदर सिंह ने अंग्रेजी भाषा और सड़क संकेतों के टेस्ट में बहुत खराब प्रदर्शन किया था। उन्होंने 12 में से सिर्फ दो अंग्रेजी सवालों के सही जवाब दिए और चार में से केवल एक सड़क संकेत को पहचान पाए थे।

 * राजनीतिक बहस: यह घटना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन और कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम के बीच एक बहस का विषय बन गई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं कि हरजिंदर सिंह को अमेरिका में रहने और काम करने की अनुमति किसने दी।

परिणाम

इस घटना के बाद, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेशी कमर्शियल ट्रक ड्राइवरों के लिए वर्क वीजा जारी करने पर तत्काल रोक लगाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम अमेरिकी नागरिकों के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं। हरजिंदर सिंह के भाई, हरनीत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, और उनके खिलाफ भी अवैध रूप से अमेरिका में रहने के आरोप में कार्रवाई की जा रही है।

यह मामला अमेरिका में अप्रवासन नीतियों और सड़क सुरक्षा नियमों पर एक गंभीर बहस का केंद्र बन गया है।

 Rogel Aguilera-Mederos के मामले की बात कर रहे हैं, जिनकी 115 साल की सज़ा को बाद में 10 साल कर दिया गया था।

इन दोनों मामलों में मुख्य अंतर हैं:

1. रोड्रिगो गोंजालेज का मामला

घटना

2019 में, रोड्रिगो गोंजालेज एक ट्रक ड्राइवर थे। कोलोराडो में उनकी ट्रक के ब्रेक फेल हो गए थे, जिसकी वजह से वह एक भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। इस दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे।

सज़ा और अपील

कानून के अनुसार, उन्हें 'वाहन हत्या' (vehicular homicide) के कई मामलों में दोषी पाया गया। कोलोराडो के 'अनिवार्य न्यूनतम सज़ा' (mandatory minimum sentencing) कानून के तहत, जज को उन्हें 110 साल से ज़्यादा की सज़ा सुनानी पड़ी, जो बाद में 115 साल कर दी गई।

जन समर्थन और हस्तक्षेप

 * Change.org की याचिका: जब यह सज़ा सुनाई गई, तो इसे बहुत ज़्यादा और अन्यायपूर्ण माना गया। इस पर एक Change.org की याचिका शुरू हुई, जिस पर 50 लाख से ज़्यादा लोगों ने हस्ताक्षर किए।

 * राजनीतिक हस्तक्षेप: जनता के भारी दबाव और मीडिया के ध्यान के बाद, कोलोराडो के गवर्नर जारेड पोलिस ने उनकी सज़ा को घटाकर 10 साल कर दिया।

2. हरजिंदर सिंह का मामला

घटना

हरजिंदर सिंह ने फ्लोरिडा में अपनी मर्जी से एक गलत 'यू-टर्न' लिया। यह एक जानबूझकर की गई गलती थी, न कि किसी तकनीकी खराबी (जैसे ब्रेक फेल होना) की वजह से हुई दुर्घटना।

सज़ा और आरोप

अभी तक हरजिंदर सिंह को सज़ा नहीं सुनाई गई है। उन पर 'वाहन हत्या' के आरोप लगे हैं और उनके मामले की सुनवाई चल रही है। कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।

मुख्य अंतर क्या हैं?

 * गलती का स्वरूप: रोड्रिगो गोंजालेज के मामले में, दुर्घटना का कारण तकनीकी खराबी (brake failure) था, जो उनके नियंत्रण से बाहर थी। हरजिंदर सिंह के मामले में, दुर्घटना का कारण जानबूझकर किया गया गलत 'यू-टर्न' था। यह कानूनी रूप से एक बड़ा अंतर है।

 * सज़ा की स्थिति: रोड्रिगो गोंजालेज को सज़ा सुनाई जा चुकी थी और वह बहुत ज़्यादा और अन्यायपूर्ण मानी गई थी। हरजिंदर सिंह को अभी सज़ा नहीं सुनाई गई है।

 * जन समर्थन का प्रकार: रोड्रिगो गोंजालेज के लिए जनता का समर्थन बहुत व्यापक था क्योंकि उनकी सज़ा को अन्यायपूर्ण माना गया था। हरजिंदर सिंह के मामले में, उन्हें एक अवैध प्रवासी और गलत यू-टर्न के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। ऐसे में उन्हें जन समर्थन मिलना मुश्किल हो सकता है।

संक्षेप में, गोंजालेज का मामला अत्यधिक और अन्यायपूर्ण सज़ा का एक उदाहरण था, जबकि हरजिंदर सिंह का मामला लापरवाही से हुई मौत का आरोप है, जिसकी कानूनी प्रक्रिया अभी चल रही है। यही मुख्य कारण है कि दोनों मामलों को एक-दूसरे से अलग देखा जाता है।

आप हरजिंदर सिंह की सज़ा कम करने के लिए Change.org की भूमिका के बारे में जानना चाहते हैं। यह एक महत्वपूर्ण सवाल है।

Change.org और सज़ा में कमी: क्या यह संभव है?

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Change.org एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जहाँ लोग किसी भी मुद्दे पर याचिका (petition) शुरू कर सकते हैं। इन याचिकाओं का उद्देश्य लोगों का समर्थन जुटाना और संबंधित अधिकारियों या संस्थाओं पर दबाव बनाना होता है ताकि वे किसी खास कार्रवाई को अंजाम दें।

Change.org कैसे काम करता है?

 * याचिका बनाना: कोई भी व्यक्ति किसी भी विषय पर एक याचिका बना सकता है।

 * लोगों का समर्थन जुटाना: याचिका बनाने वाला इसे सोशल मीडिया और अन्य तरीकों से प्रचारित करता है ताकि अधिक से अधिक लोग इस पर हस्ताक्षर करें।

 * दबाव बनाना: जब याचिका पर बड़ी संख्या में हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो इसे संबंधित सरकार, कोर्ट या अधिकारियों को भेजा जाता है, इस उम्मीद में कि वे इस पर ध्यान देंगे।

हरजिंदर सिंह के मामले में Change.org की भूमिका


इस तरह के आपराधिक मामलों में, खासकर जहाँ 'वाहन हत्या' (vehicular homicide) जैसे गंभीर आरोप लगे हों, Change.org की याचिका का सीधा असर सज़ा पर पड़ना बहुत मुश्किल होता है। इसके कुछ कारण हैं:

 * कानूनी प्रक्रिया: अमेरिका में आपराधिक मामले पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया और सबूतों पर आधारित होते हैं। जज और जूरी सबूतों की जांच करते हैं और उसी आधार पर फैसला सुनाते हैं। किसी भी बाहरी दबाव, जैसे कि ऑनलाइन याचिका, को अदालत की कार्यवाही में आमतौर पर जगह नहीं दी जाती।

 * सरकारी दबाव: भले ही याचिका के जरिए लोगों का समर्थन दिखे, लेकिन कोर्ट सीधे तौर पर जनमत के आधार पर फैसला नहीं लेता। उनका काम कानून के मुताबिक न्याय करना है।

 * सार्वजनिक धारणा: इस मामले में, हरजिंदर सिंह पर तीन लोगों की मौत का आरोप है। यह एक बेहद संवेदनशील और दुखद घटना है। जनता में पहले से ही उनके खिलाफ काफी गुस्सा है। ऐसी स्थिति में, अगर कोई उनके समर्थन में याचिका शुरू करता है, तो उसे कानूनी या नैतिक रूप से समर्थन मिलना बहुत मुश्किल हो सकता है।

तो क्या Change.org का कोई असर नहीं होता?

Change.org का असर सीधे सज़ा कम करने में नहीं होता, लेकिन इसका उपयोग अपील के लिए पैसे जुटाने या जागरूकता फैलाने के लिए किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, कोई याचिका यह मांग कर सकती है कि हरजिंदर सिंह को कानूनी मदद दी जाए, या उनके मामले को फिर से देखने की अपील की जा सकती है, लेकिन यह सब भी कोर्ट की कानूनी प्रक्रिया के तहत ही संभव है।

निष्कर्ष: कानूनी रूप से, किसी ऑनलाइन याचिका से हरजिंदर सिंह की सज़ा को सीधे तौर पर कम नहीं किया जा सकता। उनके मामले का भविष्य केवल अमेरिका के कानूनी सिस्टम, उनके वकीलों और जूरी के फैसले पर निर्भर करेगा।

 हरजिंदर सिंह की सज़ा कम होने के कितने प्रतिशत (percent) चांस हैं।

यह बताना बहुत मुश्किल है क्योंकि यह मामला अभी कोर्ट में है और इसका कोई सीधा जवाब नहीं दिया जा सकता। कानूनी मामलों में, किसी भी नतीजे की भविष्यवाणी करना लगभग असंभव होता है क्योंकि कई कारक इसे प्रभावित करते हैं।

कानूनी प्रक्रिया पर आधारित संभावनाएँ

हरजिंदर सिंह का मामला अभी शुरुआती स्टेज में है। उन पर आरोप लगाए गए हैं, लेकिन अभी सज़ा नहीं सुनाई गई है। उनकी सज़ा कम हो सकती है या नहीं, यह इन बातों पर निर्भर करेगा:

 * जांच के नतीजे: पुलिस और जांच एजेंसियों ने जो सबूत इकट्ठा किए हैं, वे कितने मजबूत हैं? अगर यह साबित होता है कि यह सिर्फ एक लापरवाही थी, जानबूझकर की गई गलती नहीं, तो सज़ा कुछ कम हो सकती है।

 * अटॉर्नी (वकील) की दलील: उनके वकील कैसे अपनी दलीलें पेश करते हैं? वे कोर्ट में क्या सबूत रखते हैं? वकील यह साबित करने की कोशिश कर सकते हैं कि यह एक गंभीर गलती थी, लेकिन इसका इरादा किसी को नुकसान पहुँचाने का नहीं था।

 * ज्यूरी और जज का फैसला: अमेरिका में इस तरह के मामलों में ज्यूरी (आम नागरिकों का समूह) यह तय करती है कि व्यक्ति दोषी है या नहीं, और जज सज़ा सुनाते हैं। ज्यूरी का फैसला बहुत मायने रखता है।

 * प्ली बारगेन (Plea Bargain): यह एक कानूनी समझौता होता है, जहाँ आरोपी कम सज़ा के बदले अपने ऊपर लगे कुछ आरोपों को स्वीकार कर लेता है। अगर हरजिंदर सिंह के वकील और अभियोजन पक्ष (prosecution) के बीच ऐसा कोई समझौता होता है, तो उनकी सज़ा कम हो सकती है।

जनमत और राजनीतिक दबाव

रोड्रिगो गोंजालेज के मामले में, जनता का भारी समर्थन था और गवर्नर ने हस्तक्षेप किया था। हरजिंदर सिंह के मामले में, स्थिति अलग है:

 * जनमत: उन्हें 'अवैध प्रवासी' के रूप में देखा जा रहा है, और उन पर जानबूझकर की गई गलती का आरोप है। ऐसे में, जनमत उनके पक्ष में नहीं है।

 * राजनीतिक दबाव: अभी अमेरिका में इस मामले को लेकर राजनीतिक बहस चल रही है, लेकिन यह उनके पक्ष में नहीं है। कई नेता इस घटना को अप्रवासी कानूनों की विफलता के रूप में देख रहे हैं।


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